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    चंपारण की धरती राष्ट्रवाद और राष्ट्र चेतना से ओतप्रोत : उपराष्ट्रपति

    2024-12-07 13:39:20 शिक्षा

      चंपारण की धरती राष्ट्रवाद और राष्ट्र चेतना से ओतप्रोत : उपराष्ट्रपति

      -140 करोड़ लोगों के सहयोग से ही विकसित भारत का संकल्प होगा साकार

      - केंद्रीय विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह

      मोतिहारी : उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने कहा कि चंपारण की पृष्ठभूमि ऐतिहासिक है। यहीं से सत्याग्रह और अहिंसा का अलख जगा। यहां के लोग देश की आजादी के आंदोलन में बड़ा बदलाव लाने के लिए सक्रियता से जुड़े। शनिवार को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि यहां के लोग राष्ट्रवाद और राष्ट्र चेतना की भावना से ओत-प्रोत हैं।

      उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का अध्ययन अध्यापन राष्ट्रीय चेतना और नेशन फर्स्ट के लिए समर्पित है। विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू आईं थी। द्वितीय दीक्षांत समारोह में मैं खुद आया हूं, इस क्षण को मैं हमेशा याद रखूंगा। उन्होंने कहा कि नदी में एक स्थान पर रहने के लिए भी कदम ताल जरूरी है। वैसे ही हमारे जीवन में भी अध्ययन बेहद ही जरूरी है। बच्चा जब जन्म लेता है तो आगे बढ़ता है, गिरता है और वही से चलना सीखता है। हमे कभी नहीं डरना चाहिए। आगे बढ़ते रहना चाहिए। आज भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपना मिसाल कायम कर रहा है। सभी निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए जा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना एक व्यक्ति से नहीं बल्कि 140 करोड़ लोगों के मेहनत से साकार होगी।

       

      • राज्यपाल, सांसद समेत कई लोग थे मौजूद

      महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह में सूबे के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, सांसद सह पूर्व केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महेश शर्मा ने की जबकि विवि के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समारोह की शुरुआत शैक्षणिक शोभा यात्रा के साथ सशस्त्र सीमा बल की धुन पर हुआ। राष्ट्रगान के के विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति हुई। मां सरस्वती की प्रतिमा और बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

      • कुलपति ने उपराष्ट्रपति को किया सम्मानित

      विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव द्वारा उपराष्ट्रपति. जगदीप धनखड़, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकरसांसद राधामोहन सिंह, कुलाधिपति डॉ. महेश शर्मा  को उत्तरीय, संकट मोचन की प्रतिमा व महात्मा गांधी का जीवन चक्र चरखा देकर सम्मानित किया गया।

      • 433 छात्र - छात्राओं को दी गई उपाधि

       कुलानुशासक द्वारा उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों की सूची जारी की गई। जिसमें 121 छात्र स्नातक, 265 स्नातकोत्तर और 47 छात्र पीएचडी से शामिल थे। स्वर्ण पदक उपराष्ट्रपति द्वारा दिया गया। इस मौके पर उपाधि पाने को लेकर विद्यार्थी बेहद उत्साहित थे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक भी समारोह में उपस्थित थे।

       

      - : मोतिहारी से प्रतीक सिंह की रिपोर्ट

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